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भाजपा कार्यकर्ता पर चाकू से जानलेवा हमला, तृणमूल समर्थक पर आरोप
कोलकाता। बंगाल में कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की कड़ी चेतावनी के कुछ घंटों के भीतर ही कोलकाता के गरिया इलाके में एक भाजपा कार्यकर्ता पर जानलेवा हमले की सनसनीखेज घटना सामने आई है। आरोप है कि स्थानीय तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता ने दिनदहाड़े भाजपा समर्थक युवक पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके हाथ की चार उंगलियां कटने का खतरा बताया जा रहा है। घटना शनिवार दोपहर गरिया के वैली पार्क इलाके में हुई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घायल और आरोपी दोनों ही स्थानीय निवासी हैं। इलाके के लोगों का कहना है कि दोपहर में किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ था। देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया और आरोप है कि तृणमूल से जुड़े युवक ने भाजपा कार्यकर्ता पर धारदार चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सुदीप दास उर्फ खटाश उर्फ बुरो (35) को धर दबोचा है।
हमले में युवक के हाथ पर बेहद गहरी चोट आई। स्थानीय लोगों का दावा है कि चाकू के वार से उसकी चार उंगलियां गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं और डॉक्टरों को उन्हें काटना पड़ सकता है। हमला होते ही युवक खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़ा। उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरे इलाके में भारी तनाव और दहशत का माहौल बन गया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचा और मामले की जांच शुरू की। पुलिस फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस खूनी संघर्ष के पीछे सिर्फ व्यक्तिगत विवाद था या इसमें कोई पुरानी राजनीतिक रंजिश भी शामिल है।
गौरतलब है कि ठीक इसी दिन दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त संदेश दिया था। उन्होंने दो टूक कहा था, पहले शासक का शासन था, अब कानून का शासन है। मुख्यमंत्री ने पुलिस-प्रशासन को राजनीतिक प्रभाव से पूरी तरह मुक्त करने की बात कहते हुए पुलिस वेलफेयर बोर्ड को भी भंग करने की घोषणा की थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि अब पुलिस किसी राजनीतिक दल की कैडर फोर्स की तरह काम नहीं करेगी और हिंसा या अराजकता फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख के तुरंत बाद गरिया में हुई इस वारदात ने राज्य की राजनीति और कानून-व्यवस्था को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की सघन जांच में जुटी है और फरार आरोपी की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।